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वाद संवाद और नारीवाद !!

वाद संवाद और नारीवाद !!

रामायण हमने कई बार पढ़ी, कई बार सुनी और कई बार देखि भी अलग अलग फिल्मो, सीरियलो में !! रामायण पहलु है राम का,सीता का,रावण का,लक्ष्मण का और हनुमान का.सभी ने इनके बारे में अपने अपने तरीके से कहा मगर जिसके बारे में सबसे कम कहा गया वो थी माता सीता.उस वक़्त के पुरुषवादी समाज में क्या किसी ने सीता से पूछा की बता तेरी रजा क्या है ?.जो तूने अपने अंदर इच्छाए छुपा रखी है वो बता. केकयी का षड़यंत्र ,भगवान् राम का वचन क्या किसी ने माता सीता से पूछा बता तेरा  डिसिशन. बिना कुछ पूछे,बिना कुछ कहे सीता ,राम लल्ला के साथ 14साल के वनवास को गयी.भगवान् राम का शिकार पे जाना और माता सीता का दिनभर उनके आने का इंतज़ार करना ,क्या सोच रही होगी उस वक़्त सीता ?. उनकी सुंदरता जो उनके लिए वरदान वो उनके लिए अभिशाप बन गया .रावण के द्वारा अपहरण हुआ ,माता सीता पर अशुद्धता के आरोप लगे,उनको अग्नि परीक्षा देनी पड़ी ,मगर फिर भी वो कुछ नही बोली क्या किसी ने पूछा ,की तेरा हाल क्या है?.
                      पुराण भारत जिसे हम सतयुग भी कहते है उसका दूसरा पहलु पुरुषप्रधान समाज है!! कई लोग आरोप लगाते है कि रामायण और महाभारत नारी के कारण हुए.मगर मैं कहता हूं कि पुरुषों के सेल्फ अभिमान,अहंकार, के कारण ये दोनों महागाथा हुई .
लगता है अच्छे दिन आ रहे है जो देश कभी पुरुषप्रधान हुआ करता था ,वो आज नारियो के अधिकारों की बात करता है मगर दुःख की बात यह है कि ऐसा सिर्फ दिल्ली,मुम्बई,बंगलुरु,पुणे जैसे मेट्रो सिटीज़ में ही हो रहा है . लगता है भारत भी  दो खेमो में बट जाएगा ,एक खेमे में मैकडोनाल्ड में बर्गर खाने वाला समाज और दूसरा जो उन बुर्गर्स के लिए अनाज बोने वाला समाज.इसे आप इंडिया और भारत भी कह सकते है. खेर इस पर मैं कभी और बात करूँगा अभी नारीवाद चल रहा है!!
                                  एक जोक याद आ रहा है , बताओ भारत में लड़कियों के लिए सबसे शुरक्षित जगह कोनसी है ?
  वो जगह है हरियाणा और बिहार .
कैसे?
वहां लडकिया घर से बाहर ही नही निकलती !!


                                   
  
             

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